सवाई माधोपुर, मदनमोहन गर्ग।
आत्मा योजना के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय अंतरराज्यीय कृषक भ्रमण कार्यक्रम में सवाई माधोपुर जिले के किसानों ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अयोध्या एवं बाराबंकी जिलों का दौरा कर आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों का गहन अध्ययन किया। इस दौरान किसानों ने उन्नत बीज, समन्वित कृषि प्रणाली, नर्सरी प्रबंधन, ग्राफ्टिंग तकनीक तथा पशुपालन में कृत्रिम गर्भाधान जैसी नवीन विधियों की जानकारी प्राप्त की।
लखनऊ में किसानों ने पद्मश्री सम्मानित प्रगतिशील कृषक हाजी कलीम उल्लाह खान की अब्दुल्ला नर्सरी का अवलोकन किया। यहां एक ही आम के पौधे पर 360 से अधिक किस्मों की ग्राफ्टिंग का अनूठा प्रयोग देखने को मिला। किसानों ने विभिन्न आकार-प्रकार और वजन की किस्मों का अवलोकन किया तथा ग्राफ्टिंग की प्रायोगिक जानकारी भी प्राप्त की।

इसके बाद रहमान खेड़ा स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर में नर्सरी तकनीक, बडिंग, इनार्चिंग आदि उन्नत विधियों का अध्ययन किया तथा उन्नत पौध सामग्री की खरीद भी की।
अयोध्या में किसानों ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का भ्रमण कर सब्जियों एवं अन्य फसलों की उन्नत प्रजातियों, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों और समन्वित कृषि प्रणाली की जानकारी प्राप्त की। यहां मछली पालन, बहु-आय आधारित कृषि मॉडल तथा टिकाऊ खेती के व्यावहारिक तरीकों से किसानों को अवगत कराया गया।
पशुपालन क्षेत्र में संयुक्त निदेशक डॉ. नीरज वर्मा ने कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमन के लाभ तथा उन्नत नस्ल विकास की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि उन्नत नस्लों से अधिक दुग्ध उत्पादन एवं स्वस्थ पशुधन संभव है।

बाराबंकी जिले में किसानों ने पद्मश्री से सम्मानित प्रगतिशील किसान रामशरण वर्मा के खेतों का दौरा किया, जहां आलू, टमाटर, केला सहित विभिन्न फसलों की व्यावसायिक एवं वैज्ञानिक खेती के मॉडल का अवलोकन किया।

कृषि विभाग के अनुसार ऐसे अंतरराज्यीय भ्रमण कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों और सफल कृषि मॉडलों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना तथा खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है। किसानों ने इस भ्रमण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए सीखी गई तकनीकों को अपने क्षेत्र में अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।

