केन्द्रीय मंत्री ने युवा नेता एडवोकेट रविन्द्र मीना का किया सम्मान: पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों में चंबल का पानी लाने की मुहिम को मिला इंडिया प्राइड अवार्ड

करौली। पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों में चंबल का पानी लाने की मुहिम चलाने वाले युवा नेता एडवोकेट रविन्द्र मीना को केन्द्रीय मंत्री डाॅ. मनसुख मंडाविया ने देश का प्रतिष्ठित इंडिया प्राइड अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया है। नई दिल्ली के पांच सितारा होटल हयात में दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित भव्य समारोह में केन्द्रीय मंत्री ने एडवोकेट रविन्द्र मीना को यह सम्मान प्रदान किया। 

करौली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड चुके एडवोकेट रविन्द्र मीना ने अपने पिता रामनिवास मीना के साथ मिलकर पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों में चंबल का पानी लाने के लिए कई माह तक बडा अभियान चलाया। इस अभियान के माध्यम से  आमजन को जागरूक करने के साथ एकजुट किया गया। एडवोकेट रविन्द्र मीना ने चंबल के पानी को पूर्वी राजस्थान के हर गांव की पहली आवश्यकता माना और इसके लिए ईआरसीपी को स्वीकृत कराने की पूर्वी राजस्थान की पहली जरूरत बताते हुए गांव-गांव में रैली, महिला सम्मेलन और जनसभाएं आयोजित कर केन्द्र और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने चंबल की चिट्ठी नाम से एक फिल्म भी तैयार कराई, जिसे गांव- गांव में दिखाया गया। इन तमाम माध्यमों से एडवोकेट रविन्द्र मीना ने ईआरसीपी के प्रति आमजन में अलख जगाई और इस कार्य को बडी मुहिम बनाकर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। जिसे बाद में सरकार ने रामजल सेतु परियोजना के रूप में स्वीकृति प्रदान कीं। 

पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों के निवासी लोगों को चंबल के पानी की बडी सौगात दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले एडवोकेट रविन्द्र मीना सामाजिक सरोकारों से भी जुडे हुए हैं। ऐसे सैकडों उदाहरण है, जिनमें रविन्द्र मीना ने जरूरतमंदों को सहयोग प्रदान करने के साथ सार्वजनिक उपयोग के कई धार्मिक एवं सामाजिक कार्य कराए हैं, जिनका क्षेत्र के लोगों को बडा लाभ मिल रहा है। युवा उद्यमी के साथ आमजन के लिए संघर्ष, समर्पण और सामाजिक प्रतिब़द्धता के कारण ही वे आज युवाओं के बीच रविन्द्र भैया के रूप में लोकप्रिय बने हुए हैं। एडवोकेट रविन्द्र मीना ने इंडिया प्राइड अवार्ड को पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों के निवासी उन किसान, महिलाएं और युवा वर्ग के साथ आमनज को सुपुर्द किया है, जिन्होंने ईआरसीपी की सफलता में उनका कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग  किया। एडवोकेट मीना ने इंडिया प्राइड अवार्ड मिलने के बाद कहा है कि यह उनके लिए उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रेरणा का बडा स्रोत है। इस सम्मान के बाद वे और भी अधिक उत्साह और समर्पण के साथ युवा वर्ग को उन्नतिपूर्ण नई दिशा देते हुए सामाजिक उत्थान के कार्य करेंगे।

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