टोडाभीम(सौरभ मीणा)। ग्राम पंचायत मंडेरु से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां प्रशासक रोबिनसिंह मीना ने भामाशाह की भावना के साथ अपने खुद के खर्चे पर सात वर्षों में पांच गांवों में एक हजार एलईडी लाइटें लगवाकर विकास की अनूठी मिसाल पेश की है। इस पहल से न केवल अंधेरा दूर हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और आत्मविश्वास की नई रोशनी भी आई है।प्रशासक रोबिनसिंह मीना ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के पाड़ली, मातासूला, खिरखड़ी, जोधपुरा और मंडेरु गांवों में गलियों, मुख्य रास्तों और सार्वजनिक स्थलों पर चरणबद्ध तरीके से पिछले 7 वर्षों में 11 लाख रुपए की कुल 1000 एलईडी लाइटें स्थापित करवाई गईं। यह कार्य किसी सरकारी बजट से नहीं, बल्कि उनके निजी सहयोग से संभव हुआ। उनका उद्देश्य था कि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा के लिए इंतजार न करना पड़े।ग्रामीणों के अनुसार पहले शाम होते ही गांवों में घना अंधेरा छा जाता था। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को बाहर निकलने में डर लगता था।
खेतों से लौटते किसानों और छोटे व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब एलईडी लाइटों की उजली रोशनी से गलियां, चौपाल और सार्वजनिक स्थान जगमगा उठे हैं। रात के समय भी गांवों में सुरक्षित आवागमन संभव हो पाया है।इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू ऊर्जा दक्षता भी है। एलईडी लाइटें कम बिजली की खपत में अधिक रोशनी देती हैं, जिससे बिजली खर्च भी सीमित रहता है। इनकी लंबी आयु और कम रखरखाव लागत के कारण यह व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहेगी। साथ ही, यह पर्यावरण के अनुकूल भी है, क्योंकि एलईडी पारंपरिक बल्बों की तुलना में कम ऊर्जा उपयोग करती हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासक रोबिनसिंह मीना की इस जनसेवा भावना की सराहना की है। उनका कहना है कि यह पहल केवल रोशनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकास की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है। गांवों में रोशनी बढ़ने से बच्चों को पढ़ाई में सुविधा मिली है, सामाजिक गतिविधियां बढ़ी हैं और छोटे दुकानदारों के व्यवसाय को भी सहारा मिला है।प्रशासक ने कहा कि उनका लक्ष्य गांवों को मूलभूत सुविधाओं से सशक्त बनाना है, ताकि ग्रामीणों को शहरों जैसी सुविधाएं अपने क्षेत्र में मिल सकें। भविष्य में भी सड़क, स्वच्छता और पेयजल जैसी आवश्यकताओं पर कार्य जारी रहेगा।निस्संदेह, अपने निजी संसाधनों से आठ वर्षों तक लगातार सेवा कार्य करना भामाशाह जैसी भावना का परिचायक है। ग्राम पंचायत मंडेरु में जगमगाती यह रोशनी आने वाले समय में क्षेत्र के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।

रोबिन सिंह मीना का सामाजिक योगदान :-,
रोबिन सिंह मीना अपने क्षेत्र में सेवा और सहयोग की भावना के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने आसपास के मंडेरु, खिरखड़ी, जोधपुरा, मातासूला और पाड़ली सहित पांच गांवों में गरीब व असहाय परिवारों की 50 से अधिक बेटियों की शादियों में आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। उनका यह प्रयास जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है और समाज में बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देता है।इसके साथ ही, वे शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में विकास कार्यों के लिए अपने निजी धन से लगभग पांच लाख रुपये खर्च कर विभिन्न आवश्यक निर्माण और सुधार कार्य करवाए हैं। उनके इस योगदान से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हुआ है। रोबिन सिंह मीना का यह समर्पण समाज सेवा और शिक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता हैं।

