हिंडौन सिटी। भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित फागोत्सव कार्यक्रम में उत्साह, उमंग और पारंपरिक संस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक फूलों की सजावट से सजाया गया था, जहां रंग-बिरंगे पुष्पों की झालरों और मंच साज-सज्जा ने माहौल को पूरी तरह फाल्गुनी बना दिया।
फागोत्सव में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। राजस्थानी परिधान, चुनरी, लहंगा-ओढ़नी और साफा पहने प्रतिभागियों ने लोक संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन किया। कई महिलाओं ने दुल्हन की तरह सोलह श्रृंगार कर फाग गीतों पर प्रस्तुति दी। गुलाल और फूलों की वर्षा के बीच होली के पारंपरिक गीतों पर सभी ने सामूहिक नृत्य कर आनंद लिया।
कार्यक्रम के दौरान फाग गायन की मधुर स्वर लहरियों ने उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। हंसी-ठिठोली और पारंपरिक रस्मों के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना रहा।
भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का माध्यम हैं। फागोत्सव के जरिए नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
अंत में सभी ने सामूहिक रूप से होली मिलन किया और एक-दूसरे को रंगों के पर्व की बधाई दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सदस्य एवं आमजन उपस्थित रहे। फागोत्सव ने सभी के मन में उल्लास और भाईचारे का संदेश छोड़ दिया।
